बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की बैठक में मंगलवार को कई अहम प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। इनमें सबसे चर्चित प्रस्ताव बदरीनाथ और केदारनाथ धाम सहित बीकेटीसी के अधीन आने वाले 47 मंदिरों में गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक लगाने से जुड़ा है। इस प्रस्ताव को लेकर अब प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान सामने आया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मुद्दे पर कहा कि बोर्ड क्या फैसला लेता है, इसे देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर कानून, संबंधित एक्ट और पौराणिक परंपराओं का अध्ययन करेगी, जिसके बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
सीएम धामी ने संकेत दिया कि इस तरह के फैसलों में धार्मिक परंपराओं के साथ-साथ कानूनी पहलुओं का भी ध्यान रखना जरूरी है, इसलिए सभी पहलुओं की गहन समीक्षा की जाएगी।
वहीं केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने इस प्रस्ताव को लेकर कहा कि उन्हें अभी इस संबंध में ज्यादा जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछले साल उन्होंने यह सुझाव दिया था कि केदारनाथ क्षेत्र में शराब और मांस के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
आशा नौटियाल का कहना है कि केदारनाथ जैसे पवित्र धार्मिक स्थल की गरिमा बनाए रखने के लिए इस तरह के कदम जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग इन नियमों का उल्लंघन करते हैं, उन पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
बीकेटीसी के इस प्रस्ताव के सामने आने के बाद धार्मिक और सामाजिक स्तर पर इस पर चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि बोर्ड और सरकार इस मामले में आगे क्या निर्णय लेते हैं।



