उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रामनगर में आयोजित प्रेस वार्ता में राज्य सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है और स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है। उनके मुताबिक देहरादून ही नहीं, बल्कि पूरा उत्तराखंड अपराध की चपेट में है।
महिलाओं के खिलाफ अपराध और चर्चित हत्याकांडों का जिक्र
रावत ने दावा किया कि National Crime Records Bureau (एनसीआरबी) की रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं से जुड़े अपराधों में उत्तराखंड शीर्ष राज्यों में गिना जा रहा है। उन्होंने अंकिता हत्याकांड का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
देहरादून में हाल ही में हुए विक्रम शर्मा हत्याकांड का हवाला देते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि जिस व्यक्ति पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे, उसे लाइसेंसी हथियार और व्यवसाय की अनुमति कैसे मिली।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता से जुड़े कुछ लोग अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं, जिससे पुलिस प्रभावी कार्रवाई करने में असमर्थ हो रही है। पुलिस वाहन में कोर्ट ले जाते समय हत्या की घटना को उन्होंने संगठित अपराध का संकेत बताया।
अवैध खनन और माफिया पर आरोप
खनन के मुद्दे पर रावत ने कहा कि प्रदेश की नदियों का अंधाधुंध दोहन किया जा रहा है। उनके अनुसार खनन माफिया नए-नए रास्ते बनाकर प्राकृतिक संसाधनों की लूट में लगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड अपराध से धन कमाने वालों के लिए “स्वर्ग” बनता जा रहा है।
नशे के बढ़ते प्रचलन पर चिंता
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सूखे नशे के बढ़ते कारोबार पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड “उड़ता पंजाब” की तर्ज पर “उड़ता उत्तराखंड” बनता जा रहा है।उनका आरोप था कि यदि युवा नशे से बाहर निकलेंगे तो वे सत्ता से सवाल करेंगे, इसलिए सरकार इस मुद्दे पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल है।
कांग्रेस का आंदोलन तेज करने का ऐलान
रावत ने बताया कि कांग्रेस ने प्रदेश के नौ ज्वलंत मुद्दों को लेकर देहरादून में लोकभवन घेराव कर आंदोलन की शुरुआत कर दी है। अब यह आंदोलन जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर तक ले जाया जाएगा। उन्होंने मांग की कि वन गांवों और अन्य स्थानों पर बसे गरीबों को उजाड़ने के बजाय उनका नियमितीकरण किया जाए।
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चेतावनी: दूरगामी असर हो सकते हैं
रावत ने कहा कि यदि कानून व्यवस्था, नशाखोरी और भ्रष्टाचार पर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो प्रदेश की सामाजिक और आर्थिक संरचना पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से इन मुद्दों पर गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग की।



