मध्य-पूर्व एशिया में जारी संघर्ष के कारण प्राकृतिक गैस की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच देहरादून जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। संभावित स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने गैस आपूर्ति की निगरानी के लिए जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (डीईओसी) में कंट्रोल रूम स्थापित किया है।
डीएम के निर्देश पर उठाया गया कदम
जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर यह व्यवस्था लागू की गई है। इसका उद्देश्य जिले में घरेलू एलपीजी, सीएनजी और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति व वितरण की स्थिति पर लगातार नजर रखना है, ताकि आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो।
तेल कंपनियों के अधिकारी रहेंगे मौजूद
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कृष्ण कुमार मिश्रा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कंट्रोल रूम में इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल के प्रतिनिधियों को नामित किया जाएगा।
ये अधिकारी 13 मार्च से प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक आपदा कंट्रोल रूम में मौजूद रहेंगे और गैस आपूर्ति से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराएंगे।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा गैस की जमाखोरी, कालाबाजारी या आपूर्ति में बाधा डालने की शिकायत मिलती है तो तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिकायतों का त्वरित समाधान होगा
जिला प्रशासन ने यह भी कहा है कि गैस आपूर्ति, वितरण या रिफिलिंग से जुड़ी किसी भी समस्या की शिकायत दर्ज कर उसका तुरंत समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। इससे आम जनता में गैस आपूर्ति को लेकर किसी भी तरह की आशंका या भय की स्थिति नहीं बनेगी।
जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों और तेल कंपनियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।



