उत्तराखंड में वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट सत्र 9 मार्च से गैरसैंण विधानसभा परिसर में आयोजित होने जा रहा है। सरकार की ओर से सत्र को लेकर सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बजट सत्र को लेकर प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारी की जा रही है, ताकि सत्र सुचारू रूप से संचालित हो सके।
प्री-बजट कंसल्टेशन पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्य बजट पेश होने से पहले प्री-बजट कंसल्टेशन की प्रक्रिया जारी है। इस दौरान समाज के विभिन्न वर्गों से सुझाव लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बजट को अधिक समावेशी और जनहितकारी बनाने के लिए व्यापारी बंधुओं, उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों से विचार-विमर्श किया जा रहा है।
सभी वर्गों की भागीदारी से तैयार होगा बजट
सीएम धामी ने कहा कि वे स्वयं इन कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं और विभिन्न वर्गों से सीधे संवाद कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्राप्त सुझावों और विचारों के आधार पर एक बेहतर और संतुलित बजट प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार का बजट प्रदेश के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा और इसमें हर वर्ग की अपेक्षाओं को शामिल करने की कोशिश की जाएगी।
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गैरसैंण में सत्र का विशेष महत्व
गैरसैंण में बजट सत्र आयोजित होना राज्य के लिए विशेष महत्व रखता है। इसे प्रदेश की स्थायी राजधानी बनाने की मांग लंबे समय से उठती रही है। ऐसे में यहां बजट सत्र का आयोजन राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
सरकार का कहना है कि पारदर्शिता, जनभागीदारी और विकास को प्राथमिकता देते हुए बजट तैयार किया जाएगा, जिससे प्रदेश की आर्थिक मजबूती और विकास की रफ्तार को और बल मिल सके।



