मनसा देवी मंदिर की भगदड़ में छह श्रद्धालुओं की मौत और दर्जनों के घायल होने के बाद राजनीति तेज़ हो गई है। घटना‑स्थल का जायज़ा लेने पहुँचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन मेहरा ने प्रशासन पर पूरी तरह नाकाम होने का आरोप लगाते हुए कहा कि भीड़‑प्रबंधन के नाम पर सरकार सिर्फ़ धार्मिक आयोजनों को वोट‑बैंक की तरह देख रही है। मेहरा ने दावा किया कि मंदिर परिसर में करंट फैलने के सबूत उनके पास मौजूद हैं और न्यायिक (सिटिंग जज) जाँच कराई जानी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि दर्शन मार्गों को एक‑तरफ़ा नहीं किया गया, जबकि सुरक्षा‑ड्यूटी में NCC जैसे स्वयंसेवी छात्रों की भी मदद ली जा सकती थी। कांवड़ यात्रा पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने अधिक जल ले जाने की होड़ को ख़तरनाक बताया और कहा कि कावड़िए जी मटके मटके में जल लेकर जाते है बिना जाँच कुछ भी लाया‑ले जाया जा सकता है, आतंकवादी तक घुल-मिल सकते हैं। सरकार ने अभी तक करन मेहरा के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की है, मगर घटना के मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश पहले ही दिये जा चुके हैं।



