लेटेस्ट न्यूज़
निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर हरिद्वार की सड़कों पर उतरी कांग्रेस: शैलजा का सरकार पर तीखा हमला, हरदा के सवाल पर कहा— ‘यह पार्टी का अंदरूनी मामला’ | JCB से फूलों की बारिश, नारों की गूंज: रामनगर में हरीश रावत का भव्य स्वागत | Haridwar : हरिद्वार कुंभ मेला 2027: स्वच्छता को लेकर तैयारियां तेज, 32 सेक्टरों में तैनात होंगे 13 हजार से अधिक टॉयलेट और हाईटेक सफाई तंत्र | पहाड़ी क्षेत्रों में डॉक्टरों को मिलेगा ज्यादा वेतन, धामी कैबिनेट में मानदेय में बढ़ोतरी को मंजूरी | रुड़की: खानपुर में चेकिंग के दौरान पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़, आरोपी के पैर में लगी गोली | देहरादून में अवैध सिम बॉक्स कॉल सेंटर का बड़ा भंडाफोड़, एसटीएफ और दूरसंचार विभाग की संयुक्त कार्रवाई |
300x250 (Top)

ऋषिकेश में श्रद्धालुओं ने किए गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा के लिए श्रद्धलाओं के दर्शन करने को भारी भीड़ उमड़ी ।

ऋषिकेश में तेल कलश गाडू घड़ा यात्रा के दर्शन के लिए श्रद्धलाओं की भारी भीड़ उमड़ी हुयी है ।आज दोपहर बाद कलश यात्रा ऋषिकेश से मुनि की रेती के लिए रवाना हो जायेगी । आज रात मुनि की रेती में विश्राम करने के बाद यात्रा कल सुबह श्रीनगर के लिए रवाना हो जायेगी। श्रीबदरीनाथ धाम गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा 25 अप्रैल की देर शाम नरेंद्रनगर राज दरबार से निकली थी। और ऋषिकेश में श्रद्धालुओं को यात्रा के दर्शन का पुण्य प्राप्त हुआ।

11 मई की शाम कई पड़ावों से होते हुए यात्रा बदरीनाथ धाम पहुंचेगी । 12 मई को धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। बीती गुरुवार को राजमहल नरेंद्र नगर में परंपरानुसार डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत पदाधिकारियों की उपस्थिति में महारानी माला राज्य लक्ष्मी शाह और सुहागिन महिलाएं भगवान बदरी विशाल के अभिषेक के लिए तिलों से तेल पिरोकर चांदी के कलश में रखा। पूजा-अर्चना के बाद राजमहल में तेल का कलश गाडू घड़ा डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत पदाधिकारियों को सौंपा गया।

भगवान बदरीनाथ के अभिषेक के उपयोग में लाया जाने वाला तिल का तेल नरेंद्रनगर राजदरबार में पिरोया जाता है। और यह तेल गाड़ू घड़ा में डाला जाता है।गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा नरेंद्रनगर राजदरबार से रवाना हुई और शाम को ऋषिकेश पहुंची। सात मई तक गाडूघड़ा तेल कलश लक्ष्मी नारायण मंदिर में स्थापित कर दिया जाएगा। 8 को यात्रा सिमली, कर्णप्रयाग होते हुए पाखी गांव पहुंचेगी।9 को नृसिंह मंदिर जोशीमठ और 10 को यात्रा आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी, बदरीनाथ के रावल (मुख्य पुजारी), धर्माधिकारी व वेदपाठियों के साथ रात्रि प्रवास के लिए योगध्यान मंदिर पांडुकेश्वर पहुंचेगी।

uttarakhandtime
Author: uttarakhandtime