उत्तराखंड में महिला सशक्तिकरण: ‘लखपति दीदी’ बनीं तीन लाख से अधिक महिलाएं

महिला सशक्तिकरण

देहरादून :के मुख्य सेवक सदन में शुक्रवार को ‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना चौपाल-2026’ का आयोजन किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

सशक्त नारी, सशक्त उत्तराखंड
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘लखपति दीदी’ योजना का उद्देश्य न केवल महिलाओं की आय में वृद्धि करना है, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़ा कर समाज में एक नई पहचान दिलाना भी है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, खजान दास और गणेश जोशी के साथ ही सांसद नरेश बंसल एवं कई विधायक भी मौजूद रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं आज स्वरोजगार के माध्यम से परिवार की आर्थिक स्थिति को नई ऊंचाई दे रही हैं।

तीन लाख का आंकड़ा पार, नया लक्ष्य निर्धारित
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड में अब तक तीन लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। इस सफलता से उत्साहित सरकार ने अब अगले चरण में दो लाख और महिलाओं को इस महत्वाकांक्षी योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। कार्यक्रम की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देहरादून के मुख्य सेवक सदन में जुटी महिलाओं के साथ-साथ प्रदेश के सभी जिलों से हजारों महिलाएं वर्चुअल माध्यम से इस आयोजन का हिस्सा बनीं।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति
प्रमुख फोकस: ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना और आय के नए स्रोत विकसित करना।

उद्यमिता को प्रोत्साहन: स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना।

सरकारी प्रतिबद्धता: महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के लिए लगातार प्रशिक्षण और सहयोग प्रदान करना।

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Author: uttarakhandtime

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