उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रदेश में चारधाम यात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में भारी संख्या में श्रद्धालु चारों धाम पहुंचे हैं और इस वर्ष भी बड़ी संख्या में यात्रियों के आने की संभावना है। ऐसे में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
कपाट खुलने की तिथियां घोषित
चारों धामों के कपाट खुलने की तिथियों की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है।
- 22 अप्रैल – केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलेंगे।
- 23 अप्रैल – बद्रीनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।
- अक्षय तृतीया के दिन – गंगोत्री मंदिर और यमुनोत्री मंदिर के कपाट खोले जाएंगे।
हर वर्ष की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं के इन पवित्र स्थलों पर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थ यात्रियों को हर संभव मूलभूत और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, शौचालय, आवास, यातायात व्यवस्था और आपदा प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेगा। राज्य सरकार चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
ये भी पढ़े : उत्तराखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज
श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार का लक्ष्य है कि चारधाम यात्रा श्रद्धालुओं के लिए एक सुखद और सुरक्षित अनुभव बने। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार बैठकें की जा रही हैं और सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में सरकार इस यात्रा को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां कर रही है।



